न पटाखे चले, न ही प्लास्टिक की सामग्री का उपयोग हुआ और शादी हो गई (खुशियों की दास्तां)

मुरैना
11 मार्च 2020 को मुरैना शहर के गणेशपुरा से श्रीजी होटल मुरैना में आई उमाशंकर राजौरिया के सुपुत्र श्री गिर्राज राजौरिया की बारात में न फटाके चले और न ही प्लास्टिक की सामग्री का उपयोग हुआ। यह बात भोपाल निवासी उमाशंकर तिवारी ने कही। उन्होंने बताया कि मेरे भांजे गिर्राज राजौरिया की शादी 11 मार्च 2020 को हुई है। जब मेरे पास शादी का आमंत्रण पत्र आया तो मैंने अपने जीजा श्री उमांशकर राजौरिया और श्री गिर्राज राजौरिया के सामने यह शर्त रखी की, शादी मे, मैं एक ही शर्त पर आऊंगा कि बारात में न तो फटाके चलेंगे और न ही भोजन के लिये प्लास्टिक के चम्मच, गिलास, कटोरी आदि का उपयोग बिल्कुल नहीं होगा। यह सब हम पर्यावरण को बचाने के लिये करेंगे।
जब मैं शादी में आया तो ऐसा ही हुआ। जब भांजे की बारात उठी तो कोई फटाका नहीं चला और बारात पहुंचते ही लकड़ी वालों के यहां भोजन के लिये प्लास्टिक के चम्मच, गिलास, कटोरी आदि का उपयोग बिल्कुल नहीं हुआ। मैंने भांजे गिर्राज राजौरिया के सास, ससुर श्रीमती ऊषा श्री राकेश गौतम को धन्यवाद दिया कि उन्होंने प्राकृतिक एवं पर्यावरण की रक्षा के लिये प्लास्टिक डिस्पोजल सामग्री का उपयोग नहीं किया, मुझे बहुत खुशी हुई। श्री राकेश गौतम कानपुर से अपनी पुत्री प्रीति की शादी करने मुरैना में श्रीजी होटल आये थे।
श्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि प्राकृतिक एवं पर्यावरण की रक्षा के लिये मेरे द्वारा यह अभियान भोपाल से मुरैना सहित अन्य जिलों में चलाया जा रहा है जहां में शादी में जाता हूं मेरी पहली शर्त यही रहती है कि शादी में सिंगल यूज प्लास्टिक का भी उपयोग नहीं हो, न ही आतिशबाजी फटाके, चलेंगे। मेरा प्रत्येक व्यक्ति से अनुरोध हे कि वे प्राकृतिक एवं पर्यावरण की रक्षा के लिये आतिशबाजी, प्लास्टिक उपयोग नहीं करें। इस पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया है। अगर सब अपने रिस्तेदार, दोस्तों को इस प्रकार से सिंगल यूज प्लास्टिक के नुकसान बतायेंगे तो सभी लोग उसमें सुधार करेंगे, जिससे पर्यावरण का नुकसान नहीं होगा।
चम्बल संभाग की कमिश्नर श्रीमती रेनू तिवारी ने स्वच्छ भारत मिशन के बहुत मुरैना स्वच्छ रहे स्वच्छ पर्यावरण बना रहे, इसके लिये मैं हूं कबाड़ी अभियान का द्वितीय चरण शुरू किया है अभियान के दौरान शहर का पॉलीथिन और प्लास्टिक युक्त बनाया जा रहा है।