जेल में बंद वहीद पारा पाकिस्तान में बैठे आतंकी समूहों के लिए धरोहर 

जेल में बंद वहीद पारा पाकिस्तान में बैठे आतंकी समूहों के लिए धरोहर 
Spread the love

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती का नजदीकी और पार्टी की युवा शाखा का अध्यक्ष वहीद पारा पाकिस्तान में बैठे आतंकी समूहों के लिए कश्मीर में मौजूद एक धरोहर की तरह था। वहीद का एक पत्रकार और राजनेता के रूप में वर्ष 2007 से अब तक का 13 साल का सफर छल, कपट और देश के विरुद्ध षडयंत्र रचने की गाथा है। यह दावा पारा के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र में पुलिस ने किया है।

पारा पर आरोप है कि उसने राजनीतिक लाभ के लिए आतंकियों का समर्थन हासिल करने के उद्देश्य से उनके साथ गठजोड़ स्थापित किया। कई तरह की सहायता व समर्थन भी आतंकियों को प्रदान किए , जिसके कारण आतंकवादी हमले हुए। पांच संरक्षित गवाहों और तकनीकी खुफिया जानकारी की मदद से कश्मीर की अपराध शाखा टीम ने हाल ही में एनआईए कोर्ट में एक आरोप पत्र दाखिल किया था। जिसमें आरोप लगाया है कि पारा अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आतंकवादियों के साथ हाथ मिला रहा था। उसका उद्देश्य यह भी था कि पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों की मदद से वह अपने राजनीतिक विरोधियों को भी साफ कर दे। सैकड़ों पन्नों के अनुलग्नकों (एनेक्सचर) के साथ 19 पन्नों की चार्जशीट में राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने और पीडीपी के पक्ष में चुनावी लड़ाई को झुकाने के लिए आतंकवादी समूहों को उसने पैसा देने और पार्टी के नेताओं के लिए आतंकी मदद हासिल करने के भी सबूत इसमें दिए गए हैं।

2007 में सलाहुद्दीन का लिया था साक्षात्कार
पुलिस ने 2007 से उसकी यात्राओं के विवरण को खंगालना शुरू किया। उस समय वह पाकिस्तान गया था और प्रतिबंधित हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन का साक्षात्कार अपने स्थानीय मीडिया चैनल पर प्रसारित किया था। यह चैनल दक्षिण कश्मीर में उसके गृह जिले पुलवामा से संचालित किया जा रहा था। उसके बाद पारा 2013 में पीडीपी में शामिल हो गया। इससे उसे राजनीतिक संरक्षण हासिल हो गया।

राजनेताओं – आतंकियों के गठजोड़ के आरोप में जेल में है बंद 
पारा को पिछले साल दिल्ली में एनआईए ने गिरफ्तार किया था। इस साल जनवरी में एनआईए अदालत ने पारा को जमानत दे दी थी, जिसमें कहा गया था कि पिछले साल जुलाई और अक्टूबर में पेश किए गए मूल आरोपपत्र के साथ-साथ पूरक चार्जशीट में उसका कोई संदर्भ नहीं था। हालांकि कश्मीर की अपराध शाखा ने  राजनेताओं और अलगाववादियों के बीच गठजोड़ मामले में उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया। वह तब से जेल में है। श्रीनगर में एनआईए कोर्ट ने उसकी जमानत खारिज कर दी थी।

Admin

Admin

9909969099
Right Click Disabled!